जन्मपत्रिका रूपी विधाता के पत्र का सन्देश पाकर ही आगे चला जाये तो जीवन-यात्रा के पथ की सही दिशा की ओर पग बढाये जा सकते हैं । जीविका का साधन जीवन-यात्रा के लिए एक वाहन के समान है क्या उचित व्यवसाय उन्नति व सुख-सन्तीष के पथ की मार्गदर्शिका है। जातक को उसकी ग्रहस्थिति तथा नैसर्गिक अभिरुचियों के अनुसार उचित व्यवसाय-वयन में ज्योतिष पूर्ण रूप से सहायता कर सकती हैं । जिससे सही दिशा की और जाने से श्रम तथा समय वृथा नष्ट न हों व प्रारंभ से ही समयतथा ऊर्जा का फ्तदायी उपयोग हो सके। नियति ने जातक को किस व्यवसाय के लिए योग्यता प्रदान की है यह जन्मपत्रिका के माध्यम से जानकर उचित दिशा में प्रयास किया जाये तो उन्नति तया सन्तोष के मार्ग अधिक प्रशस्त होंगे ।ऐसे ही विचारों से प्रेरित होकर मैंने प्रस्तुत पुस्तक में विभिन्न व्यवसाय वाले व्यक्तियों की पत्रिकाओं के उदाहरण देते हुए यह स्पष्ट करने का प्रयास किया है कि किस ग्रह-स्थिति के फलस्वरूप कौन -से व्यवसाय आप चुनना चाहते हैं
✅ Simple and effective remedies for Vaastu defects✅ Correcting the flow of positive energy (Chi) in homes and offices✅ Vaastu tips for health
Upon that hypothesis are based the teachings of this book
There is added stress on the importance of aspects and value of Uranus
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Laaotse Budhimatta ke Sutra [Hindi] ISBN:8188099050 जन्मपत्रिका रूपी विधाता के पत्र, , l , , : , , , l , , , , , , , , l , , , , I ' ' , I